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आज में आपको जीर्ण रोगों के बारे मे बताऊंगी।


तीव्र रोगों के निरन्तर दवाओं द्वारा दबाते रहने से ही जीर्ण रोग होते हैं।जैसे जुखाम को ठीक होने में 5से 7 दिन लगते हैं पर उसको दवाइयों द्वारा दबा देने से वह जीर्ण रोग में रूपांतरित हो जाता है।तीव्र रोगों को दवाइयों द्वारा दबाने से जीवनीशक्ति काफी कमजोर हो जाती है।शरीर मे विषाक्त विजातीय पदार्थो का जमब बढ़ जाता है।रक्त अम्लीय हो जाता है।गठिया,लकवा,दमा, मोटापा आदी जीर्ण रोग हैं।प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा इन जीर्ण रोगों मैं शरीर मे एकत्रित विष निष्कासित कर जीवनी शक्ति को बढ़ाया जाता है।


दीपाली अग्रवाल

सुजोक थेरेपिस्ट, नेचुरोपैथ

9887149904

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