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वायु स्नान


हमने सूर्य स्नान के बारे मे जाना था कल मड बाथ के बारे में लिखी थी आज मै आपको वायु स्नान के बारे मे बताऊंगी

हम खाने के बिना कुछ दिन रह सजते है,पानी के बिना कुछ घण्टे पर वायु के बिना कुछ मिनिट भी नहीं रह सकते।

वायु स्नान करने के लिए खुली हवा में 20 मिनिट बिल्कुल हल्के सूती वस्त्र धारण करके दोनों हाथ खोल कर लम्बी सांसे लेकर खड़ा होना चाहिए।

बैठकर या प्राणायाम के माध्यम से भी वायु स्नान किया जाता है। यह हमारा ब्लड सर्कुलेशन इम्प्रूव करता है।

हमारी बॉडी का सेल्फ क्लीनिंग मेकेनिज्म है जिसमें हमारी बॉडी चार रास्तों से ,किडनी के थ्रू यूरिन के रूप में,रेक्टम के थ्रू स्टूल के रूप में,फेफड़ो के थ्रू CO2 के रूप में,स्किन के थ्रू स्वेट के रूप में टॉक्सीन्स बाहर निकालती है।हमारी स्किन में छोटे छोटे पोर्स है जो अमोनिया और यूरिया के रूप में टॉक्सीन्स बाहर निकालते हैं।इसलिए हम स्वस्थ रहते हैं। ओर इसलिए ही स्किन को थर्ड किडनी भी कहा जाता है।

वायु स्नान हमारी हार्ट् मसल्स मजबूत करता है,हमारी बॉडी को ज़्यादा ऑक्सीजन सप्लाई होता है,जिससे हमारे ,लन्स, किडनी,हर्ट, स्किन मजबूत होते हैं।तो दिन में एक बार वायु स्नान जरूर करें।


दीपाली अग्रवाल

सुजोक थेरेपिस्ट, नैचुरोपैथ

9887149904

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